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होटल मून शाइन
यह होटल इंडिया के टॉप होटल में से एक है । यह की हर एक चीज में अमीरी की झलक दिखाई देती है । यह होटल कितना महंगा था यह तोह होटल के पार्किंग में मौजूद luxurious कार्स की एडिशन को देखने से ही पता लगाए जा सकता है।
इसी होटल एक प्राइवेट हॉल में मौजूद बड़े से डायनिंग टेबल पर इस वक्त इंडिया की टॉप रिचेस्ट एंड रॉयल परिवार मौजूद थे जो कि आपस में एक दूसरे के पक्के दोस्त थे तोह कुछ ने अपनी दोस्ती को रिश्तेदारी में बदल दिया था तोह वही कुछ रिश्तेदारी में बदलने वाले थे ।
वहां पर कपूर फैमिली, सेन फैमिली , खन्ना फैमिली, राजपूत फैमिली,ठाकुर फैमिली , सिंग फैमिली और राजावत फैमिली मौजूद थी ।
एक तरफ जेंट्स मौजूद थे दूसरी तरफ लेडीज । जेंट्स में भी एक तरफ एल्डर्स और एक तरफ यंगस्टर बैठे आपस में बाते कर रहे थे । पर उनमें सबसे अलग पर्सनेलिटी और औरे के साथ बैठा था राजावत एम्पायर का सीईओ मोस्ट हैंडसम एंड एलिजिबल बेचलर mr अधिराज सिंग राजावत। Ocean blue eyes , dusty skin tone , sharp facial features के साथ किसी ग्रीक गौड की तरह अप्रियंस दे रहा था ,अपने न्यूट्रल एक्सप्रेशन के साथ बस हा ना में सिर हिलाकर सबकी बातों का जवाब दे रहा था ।
वहीं दूसरी तरफ लेडीज में भी कुछ इसी तरह ग्रुपिंग की है थी बस फर्क बस इतना था कि कपूर्स और सिद्धि ठाकुर का फोकस ज्यादा आहना के ऊपर था । वहीं इन सबसे दूर एक कोने में दो लड़कियां बैठी हुए जिनके चेहरे से साफ पता चल रहा था कि उन्हें इन सबसे कोई मतलब नहीं वो दोनों आपस में ही किसी सीरियस टॉपिक पर बात के रहे थे ।
यह दोनों लड़कियां कोई और नहीं बल्कि माही ठाकुर और सौम्या सेन थे सौम्या की ऐज 20 साल की थी ।
"दी आपको कोई इन्फोर्मेशन मिली " सौम्या ने उम्मीद भरी नजरों से माही को देखते हुए पूछा।
जिस पर माही ने मायूसी से ना में सिर हिला दिया ।
दोनों के चेहरे पर इस वक्त मायूसी के बादल छाए हुई थी।
उन दोनों को ऐसे देख वह पर मौजूद शिवम खन्ना ने मजाक करते हुए कहा " आरे तुम दोनों को क्या हुआ ऐसे मुंह लटके बैठी हो ? क्यों खाना पसंद नहीं आ रहा क्या?"...
शिवम की बात सुन सबका ध्यान माही और सौम्या पर गया ।
शिवम की बातो का जवाब देते हुए सौम्या ने कहा " न नहीं ऐसा कुछ नहीं है वो एक्चुली..."
तभी सिद्धि ठाकुर बीच में बोल " हा बेटा मैं तब से देख रही हु तुम दोनों सब से कटे कटे से रह रही हो किसी से बात भी नहीं कर रही ? "
उनकी बात खत्म होते ही कुसुम सिंह राजावत अधिराज की दादी बोली " हा बेटा कोई परेशानी है तोह हमे बातो ऐसे चुप चाप परेशान होने से परेशानी खत्म नहीं होगी"।
उनकी बात पूरी होते ही वह पर एक दम से खामोशी छा गई सबकी नज़रे इस वक्त माही और सौम्या पर ही टिकी हुई थी ।
वो दोनों अभी सोच ही रही थी कि आहान बीच में बोल परी " हा माही दी आप जब से यह आई हो आपने मुझसे भी बात नहीं की और न मुझसे पूछा कि मैं कैसी हु " इतना बोल आहना मायूसी से अपना चेहरा नीचे कर लेती है ।
आहना को उदास देख मानसी जी उसके सिर पर हाथ फेरते हुए माही से बोली " हा माही बताओ आहना को देखो वह कितनी अपसेट हो गई है तुम ने कल भी उसे अच्छे से बात नहीं की ऐसा भी कोई करता है भला । बेचारी बच्ची कितना रोई थी "।
" Enough mom " माही की तेज आवाज पूरे हॉल में गूंज उठी । माही की तेज आवाज सुन मानसी जी को गुस्सा आ गया वह गुस्से से माही को घूरते हुए बोली " माही यह क्या तरीका है कोई अपनी मां के सामने ऊंची आवाज में बता करता...."
मनीषी जी अपनी बात पूरी करती उससे पहले ही माही सरकास्टिक वे में बोली "ओ रियली हा.... मोम तोह आपको याद आ गाय की आप मेरी मोम हो नहीं मतलब मुझे लग रहा था कि आप भूल गई हो कि आप किसकी मोम हो मेरी यह आहना की । वो एक्चुली आप आहना के बारे में ही सोच रही थी वो क्या खा रही है या नहीं । और उसके चक्कर में आप में अपने अभी भी नोटिस नहीं किया की आपकी अपनी बेटी ने अभी तक कुछ खाया ही नहीं इफैक्ट मुझे तोह यह लग रहा था कि मैं नहीं आहना आपकी बेटी है ।"
माही की बात सुन मानसी जी एक दम चुप हो गई आखिरी वो बोलती ही क्या ।
वहीं अपूर्ण जी गुस्से से माही को डांटते हुए बोली " माही यह क्या हरकत है अगर तुम्हे यह आके तमाशा ही करना था तो यहां आती ही नहीं "
" O really dadi मै यह आई सीरियसली या आप लोग मुझे यह जबरदस्ती लाए और वो भी अपनी सो कॉल्ड फैमिली की सो कॉल्ड रिप्यूशन के लिए "। माही ने अपूर्ण जी पर पलटवार करते हुए कहा ।
ये सब तमाशा देख आहना से चुप नहीं रहा गया वह मासूम बनते हुए बोली " माही दी आप ऐसे नानी मां से कसे बात ..."
" चुप एक दम चुप कुछ बोलने से पहले अपनी यह टोन सही करवाओ तुम्हारी आवाज सुनकर न मेरे कानो और सिर में दर्द होने लगता है " माही ने आहना को बीच में टोकते हुए कहा ।
इस बार नताशा बीच में आते हुए बोली " माही यह कौन सा तरीका है बात करने का ? कोई अपनी छोटी बहन से इस तरह बात करता है क्या?।
नताशा की बात सुन माही अपनी eyes रोल करते हुए बोली " ओ please दी आप तोह रहने ही दो आपके मुंह से यह बहन वाला लेक्चर न बिल्कुल शूट नहीं करता , हूऊऊ ... अपनी खुद की सगी बहन के साथ परायों वाला बिहेव कर उसका बचपन बर्बाद कर और कसिन पर जान छिड़ककर खुद को महान समझने लगी हो जो मुझे लेक्चर दे रही हो " ।
माही की यह बात सुन सब संत हो गए वही आहना गुस्से में बोली " दी आप उस क्रिमिनल की वजह से नताशा दी ......"
आखिर किसकी बात कर रही है माही और कौन है यह क्रिमिनल जिसके बारे में आहना बोल रही है? जाने
के लिए बने रहे हमारे साथ ।


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