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वक्त आ गया है पैंथर

रात के करीब 12 बजे

राजावत विला

यह विला राजावत की पुस्तैनी विला थी जिसमें 15 पीढ़ियां रह चुकी थी और 16बी पीढ़ी रह रही थी । यह विला भले ही काफी पुराना हो लेकिन समय के साथ साथ इसमें काफी बदलाव भी किए गए थे ताकि इस विला को कोई नुकसान न पहुंचे । यह विला पुरानी सोच और नई टेक्नोलॉजी का रूप थी जिसे कोई भी देखता तोह इसकी तारीफ किए बगैर ना रह पाता।

इस वक्त घर में सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे वही राधिका राजावत जो किचेन से पानी ले जा रही थी उनकी नजर अनायास ही एक कमरे की ओर चली गई जिसकी लाइट अभी भी on थी । वो कुछ देर वही खड़ी होकर उस रूम की और देखने लगे फिर एक गहरी सांस लेकर उस ओर बढ़ गई ।

वहीं एक रूम में जिसी लाइट ऑन थी उस रूम का थीम किसी रॉयल राजा के रूम जैसी थी वो रूम ग्रे एंड डस्टी व्हाइट में कलर्ड था । रूम मे इस वक्त कोई मौजूद नहीं था।

रूम की बालकनी साइड एरिया में एक सख्श शर्टलेस खड़ा रेलिंग से अपना एक हाथ टिका दूसरे हाथ से सिगरेट पकड़ लंबी लंबी काशे भरते हुए एक तक नीचे की और देख रहा था ।

उसके कानो में बस एक ही आवाज बार बार गूंज रही थी एक मासूम सी बच्ची की तोतली और लड़खड़ाती हुए आवाज "पीज… आप न थपको बोलो ना… म-मैं जुट नई बोल ली… आप मम्मा को बोलो ना कि मैं थत बोल ली हूँ…” "।

उसकी आंखों के सामने बार बार एक छोटा सा मासूम सा डरा हुआ चेहरा आ रहा था जिसकी काली गहरी चारकोल आंखों से मोटे मोटे आंसू बह कर उसके गालों पर आ रहे थे ।

उस सख्श की सांसे तेज होने लगी उसे अपने दिल में एक अजीब सी बेचैनी उठती हुए महसूस हो रही थी ।

तभी उसे अपने कंधे पर किसी के हाथ फील हुए । वो सख्श इस टच को फिल कर धीरे धीरे नॉर्मल हो गया । कुछ देर की शांति के बाद वह शख्स बिना पीछे मुड़े बोला " क्या आपको भी यही लगता है कि उसके साथ जो कुछ भी हुआ उसका जिम्मेदार मैं भी था ।"

उस सख्श का सवाल सुन पीछे खड़ी राधिका जी शान्त आवाज में बोली" अगर एक आम इंसान की तरह सोचे तो हा आप जिम्मेदार है पर अगर एक मां की तरह सोचे तो वो हमेशा अपने बच्चे का भला ही देखेगी "।

" क्या मुझे उसे वापस उसकी फैमिली के पास लाकर उसे एक अच्छी लाइफ़ देनी चाहिए " अधिराज ने राधिका की और मुड़ते हुए कहा ।

" हम्ममम... कर सकते हैं पर उन्होंने जो सहा या जो कुछ भी उनके साथ हुआ हमे बस ऊपर का पता है उनके साथ असल में क्या हुआ ये बस वही जानती है या अगर उन्होंने किसी को बताया होगा तो वह " राधिका ने अधिराज की और देखते हुए कहा।

कुछ देर बाद राधिका अधिराज को सुला कर वापस अपने रूम में चली गई ।

वहीं दूर दूसरी तरफ England के कैपिटल london में एक बारे से 40 फ्लोर के बिल्डिंग जिसपर बड़े बड़े अक्षरों में अल्फा ग्रुप ऑफ कंपनी और नीचे उससे थोड़े छोटे मगर स्पार्कलिंग वर्ड्स से एसोसिएटेड विथ ईगल ऑर्गेनाइजेशन लिखा हुआ था और बगल में एक उड़ता हुआ ईगल का सिम्बोल भी बना हुआ था ।

उस बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर बने एक आलीशान ऑफिस में एक बड़े से क्वीन साइज phoneix चेयर पर एक सुंदर सी लड़की एक न्यूट्रल एक्सप्रेशन के साथ बैठी सामने टेबल पर रखे लैपटॉप पर कुछ काम किए जा रही थी । वहीं टेबल के मिड लाइन के थोड़ा साइड में एक ग्लास piece रखा हुआ था जिस पर बारे बारे अक्षरों में ब्लैक डायमंड से प्रेसिडेंट लिखा था और उसी के नीचे एक नाम भी लिखा हुआ था

उसके काली गहरी चारकोल eyes , full, symmetrical lips with defined cupid's bow , button nose , और झुकी लंबी घनी पलके बो लड़की को किसी स्वर्ग से आई परी की तरह लग रही थी ।उसकी खूबसूरती उसके फिगर ऐसा था कि लोग उस पर मर मिटने को तैयार हो जाए।

वो लड़की लगातार अपना काम किए जा रही थी तभी उसके रूम में एक बीप की आवाज आई उसने बिना अपनी नज़रे लपटों से बिना हटाए एक्सप्रेशन लैस वॉयस में बोली " come in"। उसके इतना कहते ही एक लड़का फॉर्मल ग्रे सूट में उसके पास आया और उसे कुछ बताने लगा ।

उस लड़के की बात सुन सामने बैठी लड़की के हाथ रुक गए वो अपना सर चेयर से टिका कर एक हल्की न के बराबर स्माइल करते हुए बोली " अ आ not bad हम्म जल्द ही वक्त आने वाला है पर पहले थोड़ा तड़पने दे जरा मैं भी देखूं कहा तक पहुंच है एंड जेट रेडी रखना ।"

उस लड़की की बात सुन अपना झुका वह से जाने लगता है तभी पीछे एक उसी लड़की थी शान्त आवाज आई " पैंथर " ।

उस लड़की के मुंह से अपना नाम सुन वो लड़का रुक गया और उसकी और मूढ के देखने लगा जिस पर उस लड़की ने कुछ कहा ।

लड़की की बात सुन पत्थर ने "yes boss" में जवाब देकर वह से निकल गया।

पैंथर के जाते ही वह लड़की एक तक सामने लगी ग्लास विंडो से बाहर देखती हुए बोली " वक्त आयेगा पर तब जब मैं चाहूंगी क्योंकि सामने तोह आना ही पड़ेगा "।

वहीं इंडिया में

दिल्ली के एक कैफे में दो लड़कियां आमने सामने बैठी हुई थी।

उनमें से एक लड़की सामने बैठी लड़की से बोली " सौम्या मेरे आदमियों को कोई सुराग नहीं मिल रहा है उसका , पता नहीं कहा होगी वह "।

"दी आप परेशान मत होइए हमारी कायू इतनी वीक नहीं है कि उसे कुछ हो जाएगा वह सही सलामत साफे होगी " सौम्या ने माही के हाथों को कसकर पकड़ते हुए कहा ।

"हम i hope so वैसे dad और बड़े पापा भी अब कायू के बारे में पता लगा रहे है US उसी जगह में" माही ने बताया ।

जिसे सुन सौम्या ने थोड़ा कन्फ्यूज़ होते हुए कहा " पर आज अचानक मतलब इतने सालों में तोह उन्हें कायू का कोई ख्याल भी नहीं आया और अपने कहा कि वो उसका US उसी जगह में पता लगा रहे हैं, तोह क्या आपने उन्हें नहीं बताया कि वह नहीं है बल्कि वह तोह बहुत पहले ही वहां से निकल चुकी है?"

कौन है यह लड़की ? क्यों इतने सालों बाद कपूर्स काया का पता लगा रहे है....

क्या मकसद है इसके पीछे ?

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