
पिया मोहन जी की बातो का कोई जवाब दे पाती उससे पहले ही माही बीच में आते हुए बोली" दादू कायू का फोन था वो बोली रही थी कि वह पर उसे कोई परेशान करता है आप प्लेस उसे लेकर आओ वो वह बिल्कुल भी साफे नहीं है" यह बोलते बोलते माही की आंखों में आसू आने लगे.
माही आगे बोलने को हुई उससे पहले मानसी जी उसे डांटते हुए बोली" माही चुप हो जाओ कितनी बार कहा है बढो के बीच में नहीं बोला करते समझ में नहीं आती मेरी बात।
पर मम्मा कायू" माही बोली.
चुप एक दम चुप" मानसी जी आंखे दिखाते हुए बोली.
पिया जी मोहन जी को देखते हुए बोली" इस लडकी ने नाक में दम करके रखा है देर रात को Call करके परेशान करने लगती है।
मोहन जी इस पर सिर हिलते हुए बोली" हम्ममम. छोडो उसको. वैसे कल आहना आने वाली है तोह उसकी पसंद का नाश्ता बनवा लेना"
जी पापा आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है" मानसी बोली.
फ्लैश बैक एंड.
माही एक गहरी सांस लेकर अपने इमोशन को काबू करते हुए बोली" इन बीते चौदह सालों में वह पहली और आखिरी बार था जब मैंने कायू की आवाज सुनी थी. मुझे हर पल उसकी बाते ही सताए जा रही थी कि वह साफे नहीं है. मैने सबको कहा कि उसे वह पर मॉलेस्ट किया जा रहा है आप please एक बार वहां जाके कम से कम देख तोह आओ की वो ठीक है या नहीं बाकी लाना या ना लाना आपकी मर्जी.
मगर सबने यही कहा कि वो वापस आने के लिए झूठ बोल रही है. और उनके पास इतना टाइम नहीं है कि वो वहां जाके देख आए।
इतना बोल माही खामोशी से एक तक विंडो के बाहर देखने लगी.
जानवी को अब बेचैनी होने लगी वो बेचैन होते हुए बोली आगे फिर क्या हुआ.
वही जो नहीं होना चाहिए था एक रात अचानक से दादू के पास US से कायु के स्कूल वालो का Call आया उन्होंने जल्दी से कायु के पेरेंट्स या गार्डियन को वहां आने बोला इमरजेंसी में. लेकिन किसी के भी जाने का कोई मन नहीं था क्यों कि अगले दिन आहना का बर्थडे था. और जैसी उम्मीद थी कोई गया भी नहीं.
फिर उसके बर्थडे के दो दिन बाद फिर से Call आया लेकिन इस बार Call कायू के स्कूल से नहीं बल्कि US पुलिस का था. पुलिस का काल देख अब वह इसे इग्नोर नहीं कर सके और जाने के लिए है बोल दिया but बीच में आहना ने सबको जाने से मना कर दिया क्यों कि अगले दिन उसे सबके साथ म्यूजियम में घूमने जाना था. एंड फिर से इस बार भी कोई नहीं गया.
But अगले दिन घर पर इंडियन आर्म्ड फोर्स पहुंच गई और किसी को US जाने के लिए बोला. Then इस बार बडी मम्मा us गई.
उनको गए दो दिन ही हुए थे हालांकि इस बीच उन्होंने घर पर बस us लैंड करते टाइम ही Call की था उसके बाद नहीं. फिर दो दिन बाद शाम के टाइम बडी मम्मा घर पहुंची.
दादा जी ने उनसे पूछा कि क्या हुआ Kiss लिया बुलाया गया था. मुझे लगा था कि बडी मम्मा आएगी तो साथ में कायू को भी लेकर आएगी में बार बार उनके पीछे door पर देख रही थी कि कायु कब आएगी.
मगर बडी मम्मा की बात सुन आसा लगा मानो सब कुछ खत्म हो गया.
काया ने तीन लोगों का मर्डर कर दिया और इंडियन गवर्मेंट ने इस केस को US की गवर्मेंट को हैंडल करने के लिए कहा. कायु माइनर थी और तोह और इसकेबेक Friend की मॉम लॉयर थी उन्होंने कोर्ट में ये प्रूफ किया कि उसने मर्डर अपने सेल्फ डिफेंस में किया था.
मगर यह बात सबको पता चल चुकी थी थी सेल्फ डिफेंस में उसने बस अपना पहला मर्डर किया था बाकी के दो मर्डर उसने एग्रेशन और गुस्से में आके किया था. इस लिए उसे पांच साल के लिए चाइल्ड रिहैब सेंटर में भेजा गया।
माही इतना बोलते बोलते कांपने लगी वो सच में बेचैन थी काया को देखने के लिए उसे अपने गले से लगाने के लिए.
भले ही माही और काया कजिन सिस्टर थे मगर माही ने हमेशा उसे अपने बच्चे की तरह माना था.
काया के बारे में जानकार जानवी के आंखों में भी आंसू आ गए वो उन्हें साफ करते हुए बोली" तोह क्या वह एक साल पहले ही बाहर आ चुकी है. पर वह है कहा?
एक साल नहीं पांच साल पहले ही वो बाहर आ गई थी उसके calm बिहेवियर की वजह से उसे रिलीज कर दिया गया था. मैने बडी मुश्किल से उसके रिहैब सेंटर का नंबर निकाल के वहां काल किया ताकि मेरी उसे बात हो पाए मगर उसने किसी से भी बात करने से माना के दिया यह तक कि उसने जेलर को यह तक कह दिया कि कोई अगर उसके बारे में पूछे तो वो उन्हें यह कह दे कि वो मर चुकी है। इतना कहते हुए माही खिडकी के पास जा कर बैठ गई.
फिर सौम्या उसकी बात आगे बढाते हुएं बोली" तब हमने सब जगह उसका पता किया मगर हमे उसका कोई पता ही नहीं चला. हमने कपूर फैमिली को भी बताया पर उन्होंने हर बर की तरह इग्नोर कर दिया"
यह लोग इतने निर्दई कैसे हो सकते है" जानवी नफरत से बोली.
कुछ देर बाद
कपूर मेंशन हॉल Room
सब बैठे आपस में बात कर रहे थे. सौम्या, जानवी और माही भी वहां मौजूद थी. जानवी अपने एक साल के बेटे आदि को संभाल रही थी.
तभी अर्जुन जी का फोन रिंग होने लगा. उन्होंने फोन रिसीव कर बात की तो उनके चेहरे पर थोडे अजीब से एक्सप्रेशन आने लगे. फोन रखने के बाद वह सबकी और देखकर बोले बोले" दो दिन बाद वह वापस आने वाली है"
उनकी बात सुन सब कन्फ्यूज हो गए.
मोहन जी" वो कौन अर्जुन?
जिस पर अर्जुन जी एक गहरी सांस लेते हुए बोले" काया"
वही दूसरी तरफ शाम के टाइम
राजावत हाउस
डायनिंग टेबल पर बैठे सब डिनर कर रहे थे.
वही डिनर खत्म होने के बाद राधिका जी अधिराज को देखते हुए बोली" वो दो दिन बाद आने वाली हैं"
जिस पर प्रियांशु
बोला" कौन आने वाली अब?
काया. काया कपूर"


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